सेक्स मानव के जीवन में आवश्यक हिस्सा है। जो शारीरिक , मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैै।सेक्स हमारे शारीरिक क्रिया नहीं हैं, बल्कि हमारे हार्मोंस बैलेंस,हृदय स्वास्थ्य, और मानसिक स्थिरता में गहरा प्रभाव पड़ता है। यदि आप लंम्बे समय तक सेक्स नहीं किये तो कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यहां पूरी जानकारी दी जा रही है कि सेक्स नहीं करने के 5 मोस्ट नुकसान क्या हैं और अपने दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर कैसे प्रभाव डालते हैं।

”1. मानसिक तनाव का खतरा”
जब हम सेक्स करते हैं तो सेक्स के दौरान शरीर में ”हैप्पी हार्मोन्स” जिसे ऑक्सिटोसिन और एंडोर्फिन कहते हैं का उत्पादन होता है, जो व्यक्ति को तनाव से मुक्त ओर खुश महसूस कराने में मदद करते हैं।
. तनाव को कम करने में कमी
यदि लम्बे समय तक सेक्स नहीं करते है तो हमारे शरीर में हार्मोन्स कम बनने लगता है। इससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इससे आप अधिक चिड़चिड़े या परेशान हो सकते हैं।
.नींद को प्रभावित

गहरी नींद लाने के लिए सेक्स के बाद शरीर में प्रोलैक्टिन नामक हार्मोंन बनता है। जिससे नींद अच्छी आती है। यदि सेक्स लम्बे समय तक नहीं किया जाए तो प्रोलैक्टिन नामक हार्मोंस नहीं बनता जिससे नींद की गुणवत्ता में काफी प्रभावित होती है।
.अवसाद का खतरा
कुछ लोगों में सेक्स की कमी अवसाद को बढ़ा सकती है,यदि आप अकेलेपन महसूस कर रहे हों।
”2. इम्यून सिस्टम पर प्रभाव”
एक शोध से पता चला है कि नियमित सेक्स से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
. प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर
नियमित सेक्स के दौरान एंटीबॉडीज का उत्पादन बढ़ता है। जो शरीर में होने वाले संक्रमण, बीमारियों से बचाते हैं। यदि सेक्स नहीं करते हैं तो एंटीबॉडीज कम हो जाती है।
.सर्दी-जुकाम में असर
सेक्स नहीं करने से शरीर में संक्रमण जैस सर्दी-जुकाम या वायरल रोगों के प्रति संवेदनशील हो सकता है।
”3.हृदय स्वास्थ्य पर असर”
सेक्स हृदय के लिये व्यायाम माना जाता है। जो हृदय के लिए फायदेमंद होता है।
. हृदय की गति में अभाव
सेक्स करने से हृदय गति तेज होती है, जिससे रक्त प्रवाह बेहतर होता है। और दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यदि लम्बे समय तक सेक्स नहीं किया जाए तो हृदय रोगों को खतरा बढ़ सकता है।
. रक्तचाप पर असर
सेक्स करने से रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। यदि कई दिनों तक सेक्स न किया जाए तो रक्तचाप बढ़ सकता है, जो हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
”4. आत्मविश्वास में कमी ”
सेक्स एक शारीरिक क्रिया ही नहीं है बल्कि दो लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है।
. भावनात्मक विचार
सेक्स नहीं करने से पार्टनर के साथ भावनात्मक दूरी बढ़ सकती है। यह संबंधों में तनाव का कारण बन सकता है।
. आत्मविश्वास में कमी
नियमित सेक्स आत्म-सम्मान को बढ़ाता है। सेक्स नहीं करने से व्यक्ति खुद को असुरक्षित महसूस कर सकता है।
”5. शारीरिक समस्याएं और यौन स्वास्थ्य पर प्रभाव”
यदि लम्बे समय तक सेक्स न किया जाए तो शारीरिक स्वास्थ्य पर काफी असर पर पड़ता है।
. पुरुषों में लिंग पे असर
जो पुरुष लम्बे समय तक सेक्स नहीं करते तो, उनमें इरेक्टाइल डिसफंक्शन (लिंग का खड़ा न हो पाना) की समस्या बढ़ सकती है।
. महिलाओं में मांसपेशियों
यदि नियमित रूप से सेक्स न किया जाए तो महिलाओं के योनि की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे सेक्स के दौरान महिला को दर्द और असुविधा हो सकती है।
. ब्लड सर्कुलेशन
सेक्स शरीर के रक्त प्रवाह को बढ़ाता है। जिससे मांसपेशियों का आराम मिलता है। यदि सेक्स नियमित नहीं किया जाए तो जो तनाव और अकड़न हो सकती है।
सेक्स और स्वास्थ्य का संबंध
सेक्स केवल शारीरिक संबंध के लिये ही नहीं हैं, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्पूर्ण है।
.हार्मोनल बैलेंस
सेक्स के दौरान हार्मोंन्स का स्त्राव शरीर को शक्ति उर्जा देता है जो मूड हो फ्रेश बनाता है।
.आपसी संंबधों में मजबूती
दोनों पार्टनर के बीच विश्वास और प्यार को बढ़ाता है।
निष्कर्ष
सेक्स हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है, जो शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी जरुरी है। हालांकि, यह पूरी व्यक्ति की पंसद और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
सलाह
अपने जीवन में नियमित व्यायाम करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंं. अपने पार्टनर के सााि खुले मन से संवाद बनाए रखें । इससे जीवन में काफी बदलाव आएंगे।