सर्दी-जुकाम एक वायरल संक्रमण है। जो मौसम में बदलाव जैसे ठंड या कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण होती है। सह मौसम में बदलाव के कारण सर्दी जुकाम एक आम स्वास्थ्य समस्या है। यह खासकर फेफड़े, नाक और गला को प्रभावति करता है। यह कोई बीमारी नहीं हैं , इसके लक्षण नाक बंद,खासी और बुखार हो सकते हैं। आयुर्वेदिक उपाय प्राकृतिक जड़ी-बूटीयों और घरेलू नुस्खों पर आधारित होता है।
सर्दी खासी के आयुर्वेदिक उपाय

1. अदरक और तुलसी का काढ़ा
अदरक और तुलसी का काढ़ा पीने से सर्दी खासी से आराम मिलता है। तुलसी में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह संंक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। अदरक में पाये जाने वाला जिंजरोल श्वसन तंत्र को साफ करता है। यह सूजन को भी कम करता है।
बनाने की विधि- एक कप पानी में 4 से 6 तुलसी के पत्तों को डालें। इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाएं। थोड़ा शहद या गुड़ मिलाकर उबालें। और इसे छानकर कर गरम पीयें। इससे गले की खराश और नाक बंद में राहत मिलेगा।

2. हल्दी और दूध
सर्दी खासी के लिए हल्दी वाला दूध पीना प्राचीन और प्रभावी उपाय है।हल्दी में अनेको गुण होते है जैसे इसमें करक्यूमिन नामक तत्व होता है । जो एंटी-बैक्टीरियल और जो एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
बनाने की विधि- 1 गिलास गरम दूध में आधा चमम्च हल्दी पाउडर मिलाएं। स्वादअनुसार थोड़ा शहद या गुड़ डाल सकते है। इसे रात को सोने से पहले पीयें।

3. काली मिर्च और शहद
शहद में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। और काली मिर्च कफ(बलगम) को कम करती है। काली मिर्च और शहद का मिश्रण सर्दी खांसी के लिए रामबाण इलाज है।
बनाने के विधि- सबसे पहले 1 चम्मच शहद ले और उसमें चुटकी भर काली मिर्च पाउडर मिला लीजिए। इसे दिन में 2 बार सेवन करें।

4. गर्म पानी का भाप
सर्दी जुकाम के लिए भाप लेना बहुत असरदार उपाय है। यह नाक के जकड़न को कम करता है और श्वास मार्ग को साफ करता है। यह भी पढ़ें- सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे
भाप कैसे लें
गर्म पानी में नीलगिरी के तेल की 2 से 3 बूंद डाल दें और सिर पर तौलिया डालकर भाप ले सकते हैं। इस दिन में 2 से 3 बार भाप ले सकते हैं।

5. आंंवला
आंवला में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और संक्रमण से बचाता है।
आंवला को उपयोग- ताजे फल खाये। या इसका रस पी सकते हैं। या आंवला का चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
6. त्रिकटु चूर्ण
काली मिर्च, विकटु चूर्ण और पिपली का मिश्रण का सेवन बहुत प्रभावी है। यह बलगम को खत्म करके श्वास तंत्र को साफ करता है।
सेवन का तरीका- गुनगुने पानी में आधा चम्मच त्रिकटु चूर्ण लें । इसमें शहद मिलाकर सेवन कर सकते हैं।इसे दिन में 2 बार उपयोग कर सकते हैं।

7. गुनगुना पानी
गुनगुने पानी पीने से गले में होने वाले खराश और सक्रंमण कम होता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है।
दिन में जब भी पानी पीते हैं गुनगुने पानी का ही सेवन करें। गुनगुने पानी के साथ नींबू ओर शहद के साथ मिलाकर पीने से ज्यादा लाभ मिलता है।

8. लहसुन
लहसुन में एलिसिन नामक तत्व होता है, जो एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं। जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
सेवन कैसे करें- 1 से 2 लहसुन को कच्चा बचायें। इसे खाने में शामिल कर सकते हैं। लहसुन को घी में भूनकर खाया जा सकता है।

9. नींबू और शहद
नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। और शहद एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। इनके मिश्रण के सेवन से सर्दी जुकाम में राहत देता है।
कैसे बनाये- एक गिलास गर्म पानी में आधा नींबू निचोड़ें। इसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर इसे दिन में 2 बार पीयें।
10. योग
योग और प्राणायाम से शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखते हैं। योग से सर्दी जुकाम जैसे लक्षणों को कम करते हैं।
अभ्यास- भस्त्रिका प्राणायाम करने से श्वसन तंत्र को साफ करता है। और अनुलोम-विलोम करने से श्वसन मार्ग खुलते हैं। आप हल्का योग कर सकते है जैसे सूर्य नमस्कार और ताड़ासन जो शरीर को एक्टिव बनाए रखते हैं।