क्‍या हर दिन सेक्‍स करने से कमजोरी होती है? जानिये इसके फायदे या नुकसान

क्‍या हर दिन सेक्‍स करने से कमजोरी आती है? जानिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, सेक्‍स शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंंद होती है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। लेकिन युवा वर्ग में लोग इस बात से चिंति‍त रहते हैं कि रोजाना सेक्‍स करने से कमजोरी आती है? और सोचते हैं कि मांसपेशियां कमजोर तो नहीं होती, शारीरिक ताकत तो नहीं घटती या यौन शक्ति पर कोई बुरा असर तो नहीं पड़ेगा। कई जगह पर यह भी बोला जाता है कि अधिक सेक्‍स करने से शुक्राणुओं की संंख्‍या घट सकती है। लेकिन यह सच है या कोई मिथक, वैज्ञानिक तथ्‍यों पर जानेंगे कि रोजाना सेक्‍स करने से सच में कमजोरी आती है या नहीं।सेक्‍स के समय कई हार्मोन्‍स का स्‍तर बदलता है।ऑक्‍सीटोसिन, डोपामाइन और एंडोर्फिन जैसे हार्मोन्‍स रिलीज होते हैं, जो खुशी का अनुभव कराते हैं। लेकिन ज्‍यादा सेक्‍स करने से शरीर की अधिक ऊर्जा खपत होती है, जिससे थकावट महसूस हो सकती है। लेकिन यह थकावट, कमजोरी अस्‍थायी होती है, जो उचित आहार और आराम से दूर हो जाती है। 

एक इन्फोग्राफिक-style चित्र जिसमें पुरुष के दो पहलू दिखाए गए हैं – एक तरफ कमजोरी और दूसरी तरफ सेक्स के स्वास्थ्य लाभ जैसे मांसपेशियों की ताकत, दिमागी ऊर्जा और खुशी।

 

हर दिन सेक्‍स करने से फायदे

  • तनाव कम करता है- सेक्‍स करते समय एंडोर्फिन नाम हार्मोन रिलीज होता है, जो मूड को सुधारता है और तनाव को कम करता है। यह शरीर को रिलैक्‍स महसूस कराता है जो चिंता जैसी समस्‍याएं दूर होती है।
  •  रक्‍त संचार- नियमित सेक्‍स करने से रक्‍त संचार बढ़ता है। जिससे हृदय संबंधी समस्‍याओं का खतरा कम होता है। यह ऑक्‍सीजन की मात्रा को बढ़ाता है। जिससे शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।
  •  इम्‍यून सिस्‍टम- नियमित सेक्‍स करने से एंटीबॅडीज का स्‍तर बढ़ता है। इससे सर्दी-खांसी जैसी छोटी बीमारियों से बचा रहता है।
  •  नींद- सेक्‍स के समय में प्रोलैक्टिन और ऑक्‍सीटोसिन हार्मोन का स्‍तर बढ़ता है, जिससे शरीर शांत महसूस करता है। जिससे व्‍यक्ति को गहरी नींद मिलती है।
  • यौन स्‍वास्‍थ्‍य- नियमित सेक्‍स करने से एस्‍ट्रोजन हार्मोन और टेस्‍टोस्‍टेरोन हार्मोन संतुलित रहते हैं। यह हार्मोन पुरूषों और महिलाओं  दोनों के यौन स्‍वास्‍थ्‍य को बनाए रखने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • मूड को बेहतर- सेक्‍स करने से शरीर में हैप्‍पी हार्मोन रिलीज होते हैं, जो व्‍यक्ति को खुशी का अनुभव कराते हैं। यह तनाव को कम करने में सहायक होता है।
  • शरीर की फिटनेस- सेक्‍स एक प्राकृतिक व्‍यायाम की तरह काम करता है, जिससे कैलोरी बर्न होती है। यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

	स्वस्थ और खुश भारतीय जोड़ा, स्वास्थ्य लाभों के साथ

 

 क्‍या हर दिन सेक्‍स करने से कमजोरी का कारण बनता है?

  • 1. ऊर्जा- सेक्‍स के दौरान ऊर्जा कम होता है, लेकिन यह सामान्‍य दिनचर्या का हिस्‍सा होता है। हर दिन संतुलित आहार लेने से और पर्याप्‍त नींद लेने से यह कमजोरी नहीं बनती।
  • 2. शुक्राणु उत्‍पादन पर असर- हर दिन सेक्‍स करने से शुक्राणुओं की संख्‍या थोड़ी कम हो सकती है। लेकिन संतुलित आहर लेने और पर्याप्‍त नींद लेने से यह कमजोरी नहीं बनती।
  • 3. शरीरिक कमजोरी – यदि व्‍यक्ति संतुलित आहार नहीं ले रहा है और थकान महसूस कर रहा है, तो अपने लाइफस्‍टाइल पर ध्‍यान देना चाहिए।
  • 4. थकान- ज्‍यादा सेक्‍स करने से शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है, लेकिन यह अस्‍थाई होती है और उचित आहार देखभाल से दूर हो जाती है।

थके हुए भारतीय युवक के साथ कमजोरी के संकेत

 

सेक्‍स कीस उम्र में करना चाहिए? कितनी बार करना शरीर के लिए सही है

सेक्‍स करने का सही उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक मानी जाती है। इस समय सेक्‍स करना शारीरिक और मानसिक रूप सुरक्षित होता है। इस उम्र में दोनो पार्टनर सबंधों की जिम्‍मेदारी समझने लगते हैं। कानूनी रूप से भारत में 18 वर्ष से कम उम्र में सहमति से किया गया सेक्‍स भी अवैध माना जाता है।

भारतीय युवक-युवती 18 वर्ष की उम्र के बाद जिम्मेदार बातचीत करते हुए

 

कितनी बार सेक्‍स करना अच्‍छा होता है?

सेक्‍स करने का कोई टाईम फिक्‍स नहीं है। व्‍यक्ति का उम्र खान,पान और ऊर्जा पर निर्भर करता है। सप्‍ताह में 2 से 3 बारकर सकते हैं। या इससे अधिक जब तक दोनो पार्टनर संतुष्‍ट न हो। और थकान या तनाव महसूस नही होता तब तक सेक्‍स करना हेल्‍दी माना जाता है।

सावधानियां

प्रोटीन, विटामिन और  मिनरल्‍स से भरपूर लें यह शरीर को आवश्‍यक ऊर्जा देता है। पर्याप्‍त नींद 7 से 8 घंटे की नींद लें यह शरीर को ताजगी महसूस करता है। शरीर हाइड्रेटेड रहे इसलिए पर्याप्‍त पानी पीयें। अपने शरीर की क्षमता को समझे और अत्‍यधिक सेक्‍स से बचें। योग और व्‍यायाम प्रतिदिन करते रहें इससे शरीर की स्‍टैमिना और ताकत बनी रहती है। हर व्‍यक्ति की सहनशक्ति अलग-अलग होती है, इसलिए शारीरिक क्षमता के अनुसार सेक्‍स करें।

सेक्‍स गलतफहमियां

  • सेक्‍स करने से शरीर में कमजोरी होती है-यह मिथक है क्‍यों कि शरीर खुद को रिकवर कर सकता है।
  • सेक्‍स करने से बाल झड़ते हैं-इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
  • सेक्‍स करने से मांसपेशियां कमजोर होती हैं- एसा कुछ नहीं है, जबकि शरीर में यह ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती है।
  • हर दिन सेक्‍स करने से यौन शक्ति खत्‍म हो जाती है- यह सच नहीं है, बल्कि हार्मोन संतुलन को बनाए रखता है।

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