महिलाओं के जीवन में मासिक धर्म (पीरियड्स) सामान्य और प्राकृतिक हिस्सा है, पीरियड्स के समय में दर्द या ऐंठन कई बार सहन न कर सकने वाला होता है। पीरियड्स में पेट के निचे हिस्से में दर्द, कमर में दर्द, थकावट और दूसरे समस्याएं आम है। इसमें राहत पाने के लिए जरूरी नहीं की दवाओं पर निर्भर रहें। कई असरदार घरेलू उपाय हैं, जिसका काेई साईड इफेक्ट नहीं है और आपको दर्द से राहत भी मिलती है।
जाने 6 सरल और प्रभावी घरेलू उपाय बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप पीरियड्स के दर्द को दूर कर सकती हैं।

1. गर्म पानी की थैली से सेंकना
पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए गर्म पानी की थैली का उपयोग सबसे आसान उपाय हे। इसका उपयोग पेट के निचलें हिस्से पर रखने से रक्त प्रवाह और मांसपेशियों बेहतर होता है जिससे दर्द में राहत मिलती है।
लाभ
- मांसपेशियाें को आराम मिलता है।
- ऐंठन कम होती है।
- दर्द में तुरंत राहत पाने का सबसे सरल तरीका है।
उपयोग
- गर्म पानी की थैली को मिडियम गर्म करे जितना आप सह सकों।
- इसे पेट या कमर के उपर हिस्से पर रखें जहां पे दर्द हो रहा हो।
- इसे कम से कम 15-20 मिनट तक रखें।
यह भी पढ़े- रोज आंवला पानी पीये और कमर से भी लम्बे बाल पाये
2. शहद और अदरक का काढ़ा

अदरक को भारतीय घरों के किचन में इस्तेमाल किया जाता है इसको चाय से लेकर मसालों के अन्य रूपों में उपयोग किया जाता है। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते है। यदि अदरक के साथ शहद का मिश्रण करके सेवन करने से पीरियड्स के दौरान शरीर में गर्माहट मिलती है। और दर्द में राहत मिलती है।
लाभ
- इस मिश्रण को खाने से सूजन को कम करता है।
- पाचन तंत्र को मजबूत दुरुस्त करता है।
- शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करता है।
मिश्रण बनाने के विधि
1. एक कप पानी लें और उसमें कुछ अदरक के टुकड़े डालकर 5 से 10 मिनट तक उबालें।
2. छानकर इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं।
3. इस काढ़े को दिन में 2 से 3 बार पिएं।
तुलसी के पत्ते का सेवन
तुलसी में यूजेनॉल नामक तत्व होता है, जो प्राकृतिक दर्द निवारण में कारगर है। यदि तुलसी का काढ़ा मासिक धर्म में पीया जाए तो दर्द में राहत मिलती है।
लाभ
- ऐंठन और दर्द को कम करता है।
- तनाव को कम करता है।
- इम्यूनिटी को बढ़ाता है।
बनाने के विधि
- पानी में तुलसी के 10 से 15 पत्ते डालकर उबालें।
- इसमें शहद मिलाकर पिये या नींबू का रस मिलाकर पी सकते हैं।
- हल्का गर्म रहना चाहिए और इसे दिन में 2 से 3 बार पिएं।
हल्दी के साथ दूध
हल्दी को भारत के हर घर में उपयोग किया जाता है। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।
लाभ
- शरीर में दर्द और सूजन को कम करता है।
- पीरियड्स चक्र को नियमित बनाता है।
- प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
बनाने के विधि
- एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर को मिलाएं।
- इसको कम आंच पर उबालें और स्वाद के लिए शहद डालें।
- इसे रात में सोने से पहले पीयें।
यह भी पढ़े- रोज सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे
5. योग
योग प्रणायाम से शरीर को तनावमुक्त बनाते हैं।कुछ योगासन शरीर की मांसपेशियों को आराम दिलाता है। इससे रक्त प्रवाह को बेहतर बनाते हैं। योग से मासिक धर्म के दर्द को कम करते हैं।
लाभ
- योग से पेट और कमर के दर्द को कम करता है।
- मानिसक तनाव के छुटकारा मिलेगा।
- पीरियड्स के चक्र को नियमित बनाता है।
आसन
1. बालासान
इस व्यायाम से पेट की मांसपेशियों को आराम देता है।
2. भुजंगासन
यह पीठ और पेट के तकलीफ कम करता है।
3. श्र्वासन
तनाव और थकावट को दूर करने में यह आसन बेस्ट है।
6. पोष्टिक आहार
पीरियड्स में ब्लिडिंग दौरान महिला कमजोर महसूस करती है । इसलिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। संंतुलित आहार में आयरन,मैग्नीशियम और विटामिन से भरपुर भोजन होता है जो पीरियड्स के दौरान दर्द को कम करने में सहायक होता है।
आहार
- हरी पत्तेदार वाली सब्जियां जैसे पालक, गोभी,मेथी ।
- केला,सेब और पपीता जैसे फल।
- बादाम और अखरोट ।
- ग्रीन टी या अदरक वाली चाय।
टिप्स
- पानी ज्यादा पिएं। यह शरीर को डिटाॅक्स करता है।
- ज्यादा शारीरिक काम से बचें और पर्याप्त नींद लें।
- हल्का व्यायाम करें।
निष्कर्ष
पीरियड्स के दौरान दर्द होना सामान्य है। मगर इसको सहना जरूरी नहीं है। घरेलू उपाय अपनाकर जो उपर बताया गया है ,राहत पा सकती हैं। यह घरेलू उपाय प्राकृतिक है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
यदि दर्द ज्यादा हो तो या घरेलू उपाय से राहत न मिलें तो डॉक्टर से परामर्श लेंं।