बच्‍चे का दिमाग तेज करना है? तो खिलाये 6 सुपर फूड्स

क्‍या आप अपने बच्‍चों का दिमाग तेज करने वाला सुपरफूड्स तलाश कर रहे हैं? तो जानिए कौन-कौन से हैं ये सुपरफूड्स. हर मां और पिता का सपना होता है कि उसका बच्‍चा बुद्धिमान रहे, और स्‍कुल में सबसे आगें रहे ,वह जो भी पढ़े उसे याद रहे। ऐसा कौन सा सुपरफूड्स है उसे कितना खिलाये और किस समय खिलाएं आईये जानते हैं- 0 से 2वर्ष तक बच्‍चे का 70 से 80% दिमाग विकसित हो जाता है। इस समय बच्‍चे के दिमागी विकास के लिए प्रयत्‍न करना चाहिए। ब्रेन (दिमाग) का सबसे ज्‍यादा हिस्‍सा FATTY से बना होता है। और ब्रेन के लिए अत्‍यधिक महत्‍वपूर्ण OMEGA-3 FATTY ACID होता है। इसलिए आमेगा-3 फट्टी एसीड वाला ड्राई फूट्स बच्‍चों को खिलाना चाहिए, जो बच्‍चों के दिमागी विकास में अहम भूमिका निभाती हे। आईये जानते हैं-

बच्‍चों के दिमाग को तेज करने वाले सुपरफूड्स – भीगा बादाम, अखरोट, दूध, अंडा, फल और फ्राई की मछली
इन 6 सुपरफूड्स को रोज़ाना खिलाएं और बच्‍चों का दिमाग तेज बनाएं।

 

बच्‍चों का दिमाग याददाश्‍त तेज करने वाले बेस्‍ट 6 सुपर फूड्स 

1.भिंगा हुआ बादाम- बादाम में पाये जाने वाला ओमेगा-3 फेटी एसिड जो मानसिक विकास और याददाश्‍त के लिए उपयोगी है। साथ ही विटामिन-ई दिमाग की कोशिकाओं को पोषण देता है। बादाम मैग्‍निशयम हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में सहायक है।बादाम को सही से खिलाने का तरीका- बादाम रात को पानी में भिगोंकर रख दें और सुबह जब बच्‍चा सोकर उठे तो बादाम का छिल्‍का उतारकर उसे हल्‍का पीस लें उसके बाद बच्‍चे को खिलाये। यदि बच्‍चा बड़ा हो तो चबा चबाकर खा सकता है। भिंगा हुआ बादाम जल्‍दी फायदा करता है।

a) 0 से 6 माह के बच्‍चों को बादाम नहीं खिलाये।बादाम पच नहीं पाएगा। सिर्फ मां का ही दूध पिलाना चाहिए।

b) 6 से 12 माह के बच्‍चों को 1 बादाम भींगा हुआ देना चाहिए। बादाम का छिल्‍का उतारकर बारीक पीस ले और दलिया में मिलाकर लिखायें

c) 1 से 2 वर्ष के बच्‍चों को 2 बादाम खिला सकते हैं। बादाम को उसी तरह रात को भिगोंकर रख दे और सुबह छिल्‍का उतारकर दें। उसे छोटे टुकड़े में दे या पीसकर दूध के साथ दें।

d) 2 से 5 वर्ष के बच्‍चों को 2 बादाम 3 बादाम दे सकते हैं। सेम प्रोसेस जो इसके पहले पाईंट में बताया गया है।

e) 6 से 10 वर्ष बच्‍चों को 4 से 5 बादाम दे सकते हैं।

f)11 से 15 वर्ष के बच्‍चे को 5 से 6 बादाम दे सकते हैं

भिंगा हुआ बादाम – बच्चों के मानसिक विकास के लिए लाभकारी
भिंगा हुआ बादाम – बच्चों के लिए ओमेगा-3, विटामिन-ई और मैग्‍निशयम से भरपूर सुपरफूड

 

2.भिंगा हुआ अखरोट- अखरोट बच्‍चों के दिमाग विकसित के लिए बेस्‍ट माना जाता है। अखरोट हुबहु हमारे दिमाग की तरह दिखता है। अखरोट में बादाम जैसा ही ओमेगा-3 फेट्टी एसिड पाया जाता है। बच्‍चों के दिमाग विकसित करने में सहायक हेाती हैं। साथ immunity boost होता है। अखरोट में पाये जाने वाला जिंक,इरोन, और विटामिन बी होता है। जो बच्‍चों को हर तरह की बीमारियों से बचाता है। अखरोट में metatonin होता है जो बच्‍चे को अच्‍छी नींद लेने में मदद करता है।

a. 1 से 2 वर्ष बच्‍चे को एक अखरोट का 4 भाग करके 1 भाग खिलाये । इसे भी बादाम की तरह रात में पानी में भिगोंकर रख दें। और सुबह छिल्‍का उतारकर एक भाग को पीसकर बच्‍चे को खिलायें।
b. 2 से 5 साल बच्‍चों को आधा या एक अखरोट खिला सकते हैं। रात को अखरोट भिगोंकर रख दें और छोटे-छोट टुकडे या पेस्‍ट बना लें । बच्‍चों को खिलायें।
c. 6 वर्ष से अधिक उम्र के बच्‍चे 1 से 2 अखरोट ले सकते हैं।

भिंगा हुआ अखरोट – बच्चों के दिमाग के लिए सबसे असरदार ड्राई फ्रूट
भिंगा हुआ अखरोट – दिमागी ताकत, इम्यूनिटी और नींद को सुधारने वाला सुपरफूड

 

3. दूध कितना और कब पीयें- दूध में B12 और प्रोटीन होता है। जो ब्रेन सेल्‍स के विकास में सहायक है। दूध में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो दिमागी कोशिकाओं की तेजी से ग्रोथ कराने में मदद करता है। यह दिमागी विकास के साथ-साथ हड्डियों और दांतों को भी मजबूत बनाता है। आईये जानते हैं कितने उम्र के बच्‍चे को कितना दूध पीना चाहिए-
a. 1 से 3 वर्ष के बच्‍चे को 1 से 1.5 कप दूध सुबह नाश्‍ते में देना चाहिए। और रात को सोने से पहले।
b. 4 से 8 साल तक 2 कप दूध देना चाहिए।
c. 9 साल के उपर वाले बच्‍चे 2.5 कप दूध पी सकते हैं।

कप में गर्म दूध – बच्चों के लिए पोषक और दिमाग को तेज करने वाला पेय
एक कप दूध बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बहुत ज़रूरी होता है

 

4. अंडा, सुबह नाश्‍ते में- अंडा में प्रोटीन और कोलीन होते हैं। जो मस्तिष्‍क के न्‍यूरोट्रामीटर क उत्‍पादन में सहायक होता है। यह बच्‍चों के याददाश्‍त क्षमता का बढ़ाता है।मानसिक विकास के साथ-साथ ल्‍यूटिन और जैक्‍सैन्थिन होता है जो आंखों की रोशनी को बनाकर रखता है। अंडे में विटामिन-डी और कैल्शियम होता है , जो हड्डियों के विकास में मदद करता है,बच्‍चों को कितनी मात्रा में अंडा खिलायें-
a. 6 से 8 महीने के बच्‍चों को पुरी तरह उबला हुआ अंडा का सिर्फ पीला भाग खिलाना चाहिए।
b. 8 से 12 महीने के बच्‍चों को एक उबला हुआ अंडा खिलायें।
c. 1 साल से उपर वाले बच्‍चे को सभी प्रकार के अंडे जैसे उबला, आमलेट, या भुर्जी बनाके दे सकते हैं।

नाश्ते में उबला अंडा – बच्चों के मानसिक विकास और हड्डियों के लिए लाभकारी
अंडा में मौजूद प्रोटीन, कोलीन, विटामिन-D और ल्यूटिन बच्चों को अंदर से मजबूत बनाते हैं

 

5. ताजा फल, केला, आम,सेब, संतरा आदि नाश्‍ते में शामिल करें- बच्‍चों के दिनचर्या में फल अवश्‍य शामिल करना चाहिए क्‍यों कि इनमें multi-vitamins, minerals और fiber होता है। यह दिमागी विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास के लिए भी योगदान होता है।जैसे की पाचन तंत्र ठीक रहता है केला और आम में बच्‍चों को खिलाने से बच्‍चा दिनभर ऊर्जावान रहता है। सेब, अंगूर जैसे फल में एंटी आक्‍सीडेंट होते हैं। जो बच्‍चों के याददाश्‍त रखने में सहायक होता है। अनार, संतरा पपीता में विटामिन-सी होता है, जो त्‍वचा और बालों का स्‍वस्‍थ्‍य बनाय रखने में मदद करत हैं।

बच्चों के लिए ताज़े फल – सेब, केला, अंगूर, संतरा, आम आदि से भरपूर पोषण
ताज़े फलों में मौजूद मल्टीविटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं

 

6. मछली- मछली में आमेगा-3 फैटी एसिड अधिक मात्रा में होता है। यह बच्‍चों के मस्तिष्‍क के कोशिकाओं को पोषण देता है। जिससे याद रखने की क्षमता बढ़ जाती है। कौन सा मछली खाये – भारत में आसानी और हर जगह मिलने वाली मछली रोहू है, । इसमें भरपुर मात्रा में ओमेगा-3 पाया जाता है। सलमॉन (salmon), टूना (tuna), जैसे मछली में भी खा सकते हैं।

फ्राई की हुई रोहू, सालमॉन और टूना मछली – बच्चों के लिए स्वादिष्ट और पोषक आहार
रोहू, सालमॉन और टूना मछली को हल्का फ्राई करके बच्चों के लिए हेल्दी और टेस्टी बनाया जा सकता है

 

 

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