प्राचीन समय से भारत में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से बीमारी के लक्षणों को कम करने में मदद करती है। और बीमारी को जड़ से खत्म करने का दावा करती है। आयुर्वेद का उद्देश्य खानपान, जड़ी-बूटियों और योग का विशेष महत्व है। इसके अंतर्गत जैसे- आंवला, अदरक, हल्दी, तुलसी, त्रिफला जैसे फल जो सर्दी-खासी, हृदय स्वास्थ्य, त्वचा रोग जैस बीमारी में उपयोगी है।

1. पाचन संबंधी समस्याएं में आयुर्वेद
पाचन तंत्र में समस्याएं जैसे कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती है। इसे आयुर्वेदिक उपाय से ठीक किया जा सकता है।
.त्रिफला- त्रिफला चूर्ण पाचन को मजबूत बनाता है। त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ रात को सोने से पहले करें।
. जीरा और हींग- सब्जी में हींग और जीरा का तड़का लगाने से पेट की अपच और गैस जैसी समस्या दूर करता है।
.दही- दही का सेवन दोपहर में करने से पाचन सुधारने में मदद करता है।

2. सर्दी-खासी में और बुखार में आयुर्वेद
यह मौसमी बीमारियों में आयुर्दिक नुस्खे जो अत्यधिक प्रभावी होते हैं।
. अदरक और तुलसी की चाय- अदरक और तुलसी की पत्तियाें की चाय सर्दी-खांसी में आराम देती हे।
. गुनगुने पानी- दिनभर गुनगुने पानी का सेवन करने से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह भी पढ़ें– सर्दी खासी से तुंरत आराम पाये

3. बालों की समस्याएं में आयुर्वेद
बालों का झड़ना, समय के पहले सफेद बाल और डैंड्रफ जैसी समस्यां के लिए आयुर्वेदिक उपाय कारगर हे।
. भृंगराज तेल- भृंगराज तेल को हफ्ते में 2 से 3 बार लगाकर मालिश करने से यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है।
. आंवला- प्रतिदिन खाली पेट आंवला का रस पीने से बालों काफी फर्क नजर आने लगेगाा।
. मेथी दाना- डैंड्रफ की समस्या दूर हो जाती है। मेथी के दाने का पेस्ट बनाकर सिर पर लगाएं। यह भी पढ़ें- ठंड के मौसम में बालों का झड़ना रोके आयुर्वेद उपायों से

4. डायबिटीज का आयुर्वेदिक इलाज
डायबिटीज जैसी बिमारी के लिए आयुर्वेदिक इलाज लाभकारी है।
. जामुन के बीज- जामुन के बीज का पाउडर के सेवन से ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है।
. करेले का रस- शुगर नियंत्रित होता है करेले का रस पीने से । रोज खाली पेट करेले का रस पीयें।
. मेथी- रात में मेथी दाने को भिगोंकर रख दें और सुबह छानकर पानी पीं लें।

5. त्वचा संबधी समस्याएं में आयुर्वेद
त्वचा की समस्याओं के लिए आयुर्वेद उपाय उपयोगी है। जैसे मुहांसे, रूखी त्वचा और दाग-धब्बे
. नीम की पत्तियांं- नीम की पत्तियों को उबालकर छान लें और पानी से चेहरा धोएं।
. हल्दी- हल्दी और दूध का पेस्ट चेहरे पे लगाने से चेहरे संबधी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
. एलोवेरा- एलोवेरा का नियमित रूप से उपयोग करने से त्वचा को कोमल बनाता है।

6. हृदय के लिए लाभकारी आयुर्वेद
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं। आयुर्वेद के सेवन से शरीर में कोई भी साइडिफेक्ट नहीं होता है।
. अर्जुन की छाल- अर्जुन की छाल का काढ़ा पीने से दिल मजबूत और स्वस्थ रहता है।
. लहसुन- हर दिन सुबह खाली पेट लहसुन की एक कली खाने से यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखता है।
. हरी सब्जियांं- हरी सब्जियों एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है।
7. सामान्य कमजोरी
यदि कमजोरी या थकान हो तो इसे दूर करने के लिए इन चीजों का सेवन करें-
. च्यवनप्राश- रोज सुबह दूध के साथ 1 चम्मच च्यवनप्राश सेवन से इम्यूनिटी बढ़ाता है।
. अश्वगंधा- अश्वगंधा का पाउडर दूध के साथ लेने पर ताकत और ऊर्जा को बढ़ाता है।
. शतावरी- शतावरी जड़ी-बूटी मानसिक ताकत को बढ़ाने में मदद करता है

8. नींद न आना
अनिद्रा की समस्या के लिए –
. दूध- गर्म दूध में हल्दी और जायफल मिलाकर पिये ।
. ब्रम्ही तेल- ब्रम्ही तेल से सिर की मालिश करने पर मानसिक शांति देती है।
. त्रिफला- चूर्ण को रात में लें, यह नींद में सुधार लाता है।

9. मानसिक तनाव
मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग, अवश्वगंधा और तुलसी चाय उपयोगी है।
. योग- हर दिन योग करें।
. अश्वगंधा- मानसिक तनाव को कम करने के लिए अश्वगंधा मदद करता है।
. तुलसी- तुलसी की चाय पीने से शरीर को रिलैक्स करती है।